रोग कीट मुक्त  मूंगफली

बुवाई के लगभग डेढ़ महीने के बाद, स्पॉट रोग सामान्य रूपसे दिखता था| लेकिन इस बार कोई बीमारी नहीं दिखी| इस तरह के रोग दिखता है तो, केमिकल कीट नाशक, औषद उपयोग करना पड़ता है, जिसकेलिए धन ज्यादा भी खर्च होता है| इससे किसानोंको नष्ट होता है|

0

“इस बार मूंगफली की फसल में एक भी कीड़ा नहीं है, कोई बीमारी नहीं है। खर्च बहुत कम है। यदि इसी तरह सभी  फसल आते है तो किसानोंको बहुद मदद होगी, यह यादगिरी जिला शाहपुर तालुक गंगानल गाँव में स्थित किसान शरणु जी का कहना है|

शरणु कहते है की, एक बार फसल लेने के बाद अगली बार फिर से इसे नहीं लगाया जाएगा। फसल रूपांतरण। ढाई महीने पहले हमने मूंगफली  बोया था।   बीजापुर से 3 क्विंटल 30 किलो बीज बोने के लिए  लेकर आये । इस बार  एक क्विंटल बुवाई का बीज 12 हजार रुपये हो गहा  है। पिछले कभी इतनी महंगाई न था| पिछले साल भी कम था|हमने इस बार तीन एकड़ में मूंगफूली बोए हैं। एक एकड़ में एक क्विंटल 10 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। हम बुवाई से पहले खेत को दो बार बोते है |९ लोड  गोबर  खाद  चढ़ाया और मिट्टी के साथ मिलाया। हमने पंक्तियों को बनाया और बीज बोया । जिप्सम के पांच बैग दिया है|

बुवाई के लगभग डेढ़ महीने के बाद, स्पॉट रोग सामान्य रूपसे दिखता था| लेकिन इस बार कोई बीमारी नहीं दिखी| इस तरह के रोग दिखता है तो, केमिकल कीट नाशक, औषद उपयोग करना पड़ता है, जिसकेलिए धन ज्यादा भी खर्च होता है| इससे किसानोंको नष्ट होता है|

मुझे शरणु जी का बात सुनकर आश्चर्य होने लगा| मेरे दिमाग में रोगमुक्त, कीटमुक्त फसल कैसे हो सकती है, यह प्रश्न दिमाग में घूमने लगा| जब पूछा गया कि इसका क्या कारण है, तो उन्होंने बताया की, बैरिक्स कंपनी का एक आदमी खेती में आकर  कीट नियंत्रण  छिड़काव किया। उन्होंने हमें इस के पहले  किसानों के खेतों के वीडियो दिखाए जो पहले छिड़काव किए गए थे । उस विश्वास पर,हमने  दो बार बैरिक्स कंट्रोल का छिड़काव किया | उस बैरिक्स वाला आदमी  ने कहा था की, कीट नियंत्रण छिड़काव से रोग प्रतिरोधक बढ़ेगा, कीटमुक्त फसल उगेगा| वैसा ही हुआ| उनका बात सच निकला|

मूंगफली की कटाई दिसंबर के अंत या जनवरी के पहले सप्ताह तक की जाती है।शरणु जी का  विश्वास है कि कम से कम 30 (एक क्विंटल मूंगफली की थैली) बैग से अब प्रति एकड़ 90 बैग मूंगफली की पैदावार मिलेगी। सिंचित खेत फसल को पानी तभी दें जब उसे पानी की जरूरत हो। जैसे-जैसे फसल बढ़ती है और ज्यादा से ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है| इसका परिणाम उत्तम फसल पा सकते है|यह काम जल्दी से पूरा हो जाता है क्योंकि यह सब कटाई मशीन के माध्यम से किया जाता है। इससे मार्केट में फसल ले जाना भी आसान होगा आवर कीमत भी मिलेगी|“शरणु जीके और एक  खेत में कपास बोया गयाहै| मूंगफली के लाभ को देखकर उस खेत में भी कपास के बाद वे मूंगफली ही डालेंगे|”अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 9972394005

ಅಗ್ರಿಕಲ್ಚರ್ ಇಂಡಿಯಾ ವೆಬ್ ತಾಣದಲ್ಲಿ ಸುಸ್ಥಿರ - ಸ್ವಾಭಿಮಾನಿ - ಸಮೃದ್ಧ ಹಾಗೂ ಲಾಭದಾಯಕವಾಗಿ ಕೃಷಿ ಮಾಡಲು ಅಗತ್ಯವಾದ ಮಾಹಿತಿಗಳನ್ನು ನೀಡಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಇನ್ನೂ ಹೆಚ್ಚಿನ ಮಾಹಿತಿಗಳನ್ನು ನೀಡುವ ನಿಟ್ಟಿನಲ್ಲಿ ನೀವೂ ಆರ್ಥಿಕ ನೆರವು ನೀಡಬಹುದು.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here